Sunday, July 6, 2014

अभी तो....


अभी वो मुकाम नहीं आया है जो मैं रूठ जाऊ
अभी तो दिन नही आया है के मैं बिख़र जाऊ
अभी तो एक दूजे में समा जाने की बात की है
अभी तो घूँघट उठाने की शुरुआत की है
अभी तो मैंने तुम्हे अपने ख़्वाब दिखाए है
अभी तो बस तुमसे नैन मिलाये है
अभी तो सूखे वन में थोड़ी आग लगी है
अभी तो मरुथल में थोड़ी बरसात हुई है
अभी तो तुमने कुछ मुझे अपनाया है
अभी तो बाकी घनघोर जुल्फों का साया है
अभी तो हर पल का हिसाब तेरे लिए लिखना है
अभी तो हर नजम तेरे लिए गानी है
अभी तो हर पल तुझ संग मुझे जीना है
अभी तो प्यार मुझे तुझसे करना है
अभी तो अपना एक खूबसूरत किस्सा बनना है
अभी तो अपना एक नन्हा बेबी हिस्सा बनना है
अभी तो दिल के गहराईयाँ जाननी बाकी है
अभी तो तुम्हे इस दिल के करीब लाना है
अभी तो तेरे गले का मुझे हार बन जाना है
अभी तो तेरा प्रीतम मुझे कहलाना है.....
अभी तो मिलकर कारवां आगे बढ़ाना है ....!!!

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