Tuesday, February 11, 2014

खुशहाल देश का एक "विज्ञापन" ये भी...

खुशहाल देश का एक "विज्ञापन" ये भी.

एक महिला पति से:- अजी, आप "सुबह सुबह" बैठे क्यों हो "सिलेंडर" खत्म हो गयाहै अलमारी से 200 रूपये ले लो और जल्दी से एक "सिलेंडर" ले आओ...
और जाते जाते 80 रुपये का "लाईट का बिल" भी भरते आना!...
और हाँ वापसी में "स्कूटर" मे 30 रु का "एक लीटर" पेट्रोल डलवाना ना भूलना...
मेहमान आ रहे है 12 रुपये वाली 'दूध' की दो थैलीयां ले आना...
और हां साथ मे दस रुपये की 2 किलो 'प्याज' और 30 रूपये की किलो मुंग दाल भी लेते आना!...

बेटा पिताजी से :- पापा; ये मॉं को क्या हुआ है ?

पिता मॉं को हिलाते हुए :- जागो भागवान जागो, तुम भी ना नींद मे कुछ भी बोलती रहती हो?...

मॉं आंखे खोलते हुए - उफ़ ये 'महंगाई' ये 'भ्रष्टाचार' ये 'घोटाले'...
और वो भी सिर्फ़ .....'पिछले दस सालों' मे...????"

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