Thursday, July 12, 2012

मुझे अच्छा लग रहा है....।

समय था इतिहास की तरह,
 मिले थे हम ख्वाब की तरह,
मौसम आशिक़ाना था गुलाब की तरह,
 झूम रहे थे हम रबाब की तरह,
वो दिलकश आदाएं…। 
 वो सपने सजये…। 
वो मिलने की चहत…।
 वो बातों में राहत…। 
वो आखों का झुकना…।
 वो धड़कन का रुकना…। 
वो होंठों की तड़पन…। 
 वो प्रेम का संगम…। 
वो राज की बातें…। 
 वो थमीं हुई सांसें…।
वो तारीफ का सुनना…। 
 वो दिल का मचलना…। 
वो कुंदन सा मन…। 
 वो चेहरे का भोलापन…। 
मुझे ठग रहा है, मुझे अच्छा लग रहा है। 

No comments: