Friday, May 25, 2012

ता-उम्र रोने को भी राजी...।

थोडा गीला है, नम है,
 शबनम  के जैसा ये आँख का पानी...। 
गिरने से पहले पूछता नही,
  ये है बे-रहम दिल की कहानी...। 
जोड़ लेता है रिश्ता एक बार हंस दे कोई,
 फिर ता-उम्र रोने को भी राजी...।