Saturday, April 7, 2012

हे परमेश्वर ... !!!

हे परमेश्वर ... तुम जगत का ऐसा  उध्धार करो,
 जीवत जीव-मात्र पर दया का उपकार करो !!!

अगर मंदिर जाये मुक्ति मिले,
 दर-दर फिर कोई क्यों भटके,
अगर झूठ-फरेब पर दुनिया चले,
 सत्य पर चलने का साहस कोन करे !!!

नहीं मुक्ति का कोई साधन मिला,
 तुम संयम  का सबको दान दो,
नहीं भक्ति का कोई मार्ग मिला,
 तुम ज्ञान का सबको परकाश दो !!!

अगर सत्य वचन जब झूठ कहलाये,
 तुम सत्य की आकर रक्षा करो !!
अगर अमृत ही जब विष बन जाये,
  तुम इस विष का आकर पान करो !!!

रौशनी से भी जब अंधकार न मिटे,
 तुम ज्ञान का दीपक उज्जवल करो !!

हे परमेश्वर ... तुम जगत का ऐसा  उध्धार करो,
 जीवत जीव-मात्र पर दया का उपकार करो !!!

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