Wednesday, September 28, 2011

सिमट कर ...

सिमट कर रह जाओगे, 
एहसास ऐसा दिला जायेंगे !
महकती रहोगी हमारी खुश्बो से, 
बिना बात के हसने लग जाओगी !
दिल, नींद, चैन तो सब चुराते है,
हम तो प्यार का छोटा सा तौफा देकर जायेंगे !
याद यह जानकर करती रहना,
मनचले तो बहुत देखे थे,
यह कौन सी धरती से आया था !

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