Saturday, September 10, 2011

मेरे दिल की रानी ...

वो अशरों उलाख सी शौख जिंदगी, 
 महरूम थे हम और उनकी मद-मस्त जवानी !
कोखर में छुपी वो रात की बातें,
 चहकती सुबह की वो मस्त रवानी !
झुकी हुए डाल और ये बदलता मौसम,
 पतझड़ की वो नगन कहानी !
बर्बरता का अंचल थामे,
 टप टप बहता वो शाख का पानी !
महफ़िल में वो और अबर सी रौशनी,
 ऐसे रोशन है वो मेरे दिल की रानी ..... मेरे दिल की रानी ..!!!


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