Thursday, September 1, 2011

जब तेरे कदमो...

चेहरे पे जो पर्दा लगाया, चेहरा पल्लू का मोहताज हुआ !
एक महफ़िल हो गयी अधूरी, जब तेरे प्यार का मुझे एहसास हुआ !
खोया रहा तेरी बातों में, वो हस्सीं तेरा चेहरा मुझको याद रहा !
रोशन हो गया मेरा सारा जहान, जब तेरे कदमो ने मेरे घर को छू लिया !

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