Sunday, August 21, 2011

सुरमें भी आँखों में रडक जातें है !

न देख तूं खवाब उन सितारों के,
जो बादलों की ओट में छिप जातें है !
सुन्दर हसीं खवाब भी अक्सर मिटटी में मिल जातें है !
क्या हुआ रमन जो तेरी आँख खुल गयी उस और से,
कभी कभी तो डाले हुए सुरमें भी आँखों में रडक जातें है !

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