Thursday, April 21, 2011

कई बार ......

कई बार टूटता है इंसान, लेकिन कोई न कोई ताकत ऐसी आती है, के उसे फिर से जोड़ देती है. ..... जैसे समुन्दर के किनारे लकडिया पड़ी हो, एक लहर आती है जो उनको बिखेर देती है, फेर एक लहर आती है जो उनको साथ मिला देती है |

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