Saturday, April 16, 2011

रोक नहीं पाता......

रोक नहीं पाता आपने आप को , 
 गलती वही दोहराता हु क्यों ?
पन्ने किताबो के भरने लगा ,
 नाम लिखकर तेरा मिटाता हु क्यों ?
कभी गीत गमो के सुनने लगा , 
 बिन बात के हसने लगा हु क्यों ?
भेजता हु हाले-ए-दिल आपना ,
 फिर पलके इंतज़ार में बिछाता हु क्यों ?
उठते बैठते, सोते जागते , 
 याद तेरी आती है क्यों ?
तुम भी बताओ हाल आपना , 
 मुझ से दूरिया बनायीं है क्यों ?
प्यार है तो करलो इकरार , 
 होंठो को आपने सखत बनाया है क्यों ?
हम तो खड़े है तेरे इंतज़ार में ,
 दिल आपना बिछाये हुए !
सोचता हु कही देर ना हो जाये , 
 राह आपका कहीं खो जाये !
नहीं मरना ऐसे मुझे , 
 कहीं दीमक ना इस पेड़ को लग जाये !
प्यार किया है तो जाताना , 
 ना और इंतज़ार करना !
कही दीमक लगने से पहले , 
 यह पेड़ न कट जाये !
कही दीमक लगने से पहले , 
 यह पेड़ न कट जाये !

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