Wednesday, October 13, 2010

आदत !

किसी की चाहत में इतना पागल ना होना , हो सकता है वो तुम्हारी मंजिल ना हो !
उसकी मुसुकुराहत को इजहारे-मोहब्बत ना समझना , कहीं ये मुस्कुराना उसकी आदत ना हो !

2 comments:

ANU VISHNOI said...

kya baat h..............

Amit Soni said...

well done..must have copied ..hai na