Sunday, July 18, 2010

मर जाऊँगा.....

जब चोट दिलो से खायी गयी, 
 शमा प्यार की यु भुजाई गयी !
भुझ गये है तमाम दिये रौशनी के,
 जब तू छोड़ के हमको विदा हो गयी !
तेरे बिना जीना भी क्या जीना है, 
 जब सुना के तू मुझसे बेवफा हो गयी !
नादान में शायद ना समझा तेरे प्यार को, 
 तेरे वादों को, तेरे इकरार को !
में तो मौत मांगता था खुदा से मेरे लिए, 
 खुदा ने क्यों तुझको बुला लिया !
प्यार को तुने मरते दम तक निभाया, 
 लेकिन में तो जीते जी हार गया !
तू मरके प्यार निभाती रहना, 
 में जीते जी मरके निभाऊंगा !
में यु तेरे प्यार में मर जाऊँगा,
 में यु तेरे प्यार में मर जाऊँगा !

1 comment:

amansandhu said...

तू हसदा रह,तू बसदा रह,बस हाल चाल मेनू दसदा रह,

जे प्यार दा नाम कुर्बानी.मैं कुर्बानी दे जाउंगी,

तू खुश चाहिदे सजना,मैं जिंदगानी दे जाउंगी,
...
तू खुश चाहिदे सजना,मैं जिंदगानी दे जाउंगी...