Saturday, April 24, 2010

दोस्ती ऐसे भी ......

आपने जिंदगी में दोस्त बनाये भी होंगे .....
राज आपने दिल के सुनाये भी होंगे ......
फिर भी हजारो गम उससे छुपाये भी होंगे .....
कुछ बातें कर जाती है तनहा , जिंदगी में ....
क्यों ऐसे रिश्ते निभाए हमने , जिंदगी में .....
क्या था जो समझ ना पाए , जिंदगी में .....
हमने कहकर दोस्त , कभी ऐतबार नहीं खोया ....
तुझे याद करके दोस्त , ऐसा पहली बार रोया .....
क्यों खेला मेरे एहसासों से दोस्त , मन क्यों ऐसे सोया ?

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