Sunday, April 18, 2010

दोस्त दोस्ती तो......

ये घूमना घुमाना तो एक सफ़र अनजाना है, जब तलक मिले ना घुमाने वाला, तब तक क्या कही घूम के आना है  !
ये रोना रुलाना तो आंसू बहाना है, जब तलक मिले ना पोंछने वाला आंसू, तब तक क्या रो कर आंसू बहाना है !
ये खाना खिलाना तो भूख मिटाना है, जब तलक ना हो दीदार यार का, तब तक क्या भूख मिटाना है !
ये रूठना मनाना तो प्यार दिखाना है, जब तलक मिले ना रूठने वाला, तब तक क्या किसी को मनाना है !
ये चीखना चिलाना तो गुस्सा दिखाना है, जब तलक मिले ना चीखने वाला, तब तक क्या किसी पे चिलाना है !
ये दोस्त दोस्ती तो एक बहाना है, जब तलक मिले ना परमानेंट बैंक बैलेंस, तब तक तो बस ऐसे ही साथ निभाना है !

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