Thursday, March 18, 2010

खुशियों की......

खुशियों की यूँ सोगात आएगी , सूखे वन में यूँ बरसात आएगी !
सुना रहा दिल में कोना , उसे तुम ऐसे भर जाओगी !
जन्मदिन तो आये , पहले भी बहुत , पर कैसे यह खास बन जायेगा !
तो लो आज खोले है मैंने  , द्वार अपने दिल के ,  रहते थे जो बंद सदा !
ऋतू तुम्हारा जन्मदिन , कैसे भुला पाएंगे हम !
जन्मदिन की तुमको बधाई , जो संग आपने हमारे बितायी !
नन्ही सी तुम गुडिया , जी करता तुम्हारे पास रहूँ !
सदा ही तुमको देखा करू , सदा ही तुमसे बात करू !
रूठना मुझसे कभी ना , अगर खता मुझसे कोई हो जाए !
भुलाना मुझको कभी ना , अगर रस्ते में कहीं खो जाऊ !
गुडिया .... लो ये तोफा प्रेम का .... मैं लिखकर तुमको सोंप रहा हुं !
ये दूर है लाख मतलबो से , धर्मो से , मज्हबो से !
ऐसा बंधन अटूट प्रेम का, में तुमसे जोड़ रहा हुं !
.................................. में तुमसे जोड़ रहा हुं !

3 comments:

Ritu Sweet Girl said...

chooooooooooooo sweet poem
i lov u bhaiya

Ritu Sweet Girl said...

mere liye aur sweet-2 poem likhna........

Raman said...

ok....thek hai gudiya